(1) 'सूरदास की झोंपड़ी' पाठ से ली गई पंक्ति - 3 "खेल में रोना कैसा?" में किस खेल की बात हो रही है?
जीवन में मिलने वाली असफलताओं के संदर्भ में इससे क्या प्रेरणा मिलती है?
(2)बिसनाथ दूध कटहा हो गए। उनका दूध कट गया।' - इस कथन का आशय स्पष्ट करते हुए बिसनाथ के
जीवन में आए संकट का स्वरूप स्पष्ट कीजिए। इस कथन के आलोक में आप बिसनाथ के प्रति कैसा महसूस
करते हैं? संक्षेप में लिखिए।
(3) सूरदास के चरित्र की विशेषताओं का वर्णन करते हुए लिखिए कि आप उनमें से किन को अपनाना
चाहेंगे और क्यों? (कम-से-कम तीन विशेषताओं का स
ं क्षिप्त वर्णन कीजिए)
(4) 'अपना मालवा ... पाठ में वर्णित जल संचय 5 के तरीकों का वर्णन करते हुए लिखिए कि विकास की दौड़
ने उन पर कैसा प्रभाव डाला है। इस प्रभाव से किस प्रकार बचाव किया जा सकता है?
झोंपड़ी जला दिए जाने के बाद भी सूरदास का किसी से प्रतिशोध न लेना, उसके स्वभाव की किस विशेषता
को दर्शाता है? सूरदास जैसे चरित्र की वर्तमान समय में क्या प्रासंगिकता है? स्पष्ट कीजिए।
(5) 'इसे 'सेस', 'सारद' भी नहीं बयान कर सकते' 'बिस्कोहर की माटी' पाठ में यह कथन किस संदर्भ में कहा
गया? इसका क्या आशय है? इस स
ं दर्भ में अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
(6) धरती के तापमान में वृद्धि के लिए 'अपना मालवा खाऊ-उजाडू सभ्यता में.....' पाठ में किसे जिम्मेदार
ठहराया गया है? क्या इस तापमान वृद्धि में हमारी भी कोई भूमिका है? हम धरती के तापमान को नियंत्रित
कैसे रख सकते हैं?
(7)सूरदास जैसे व्यक्ति वास्तविक चरित्र की जगह आदर्श व्यक्ति प्रतीत होते हैं" - ऐसा सूरदास के किन गुणों
के आधार पर कहा जा सकता है? उसके गुणों की वर्तमान समाज में आज और अधिक आवश्यकता क्यों है?
(8) 'बिस्कोहर की माटी' पाठ के आधार पर गाँव की प्रकृति का गर्मी, सर्दी और वर्षा ऋतुओं के अनुरूप वर्णन
कीजिए। वहाँ के लोग गर्मी ऋतु के प्रकोप से बचने के लिए क्या उपाय करते थे?
(9) 'अपना मालवा ... पाठ के आधार पर लिखिए कि जलवायु परिवर्तन के लिए कौन ज़िम्मेदार हैं। इस
परिवर्तन का परिणाम क्या है? इसके दूरगामी परिणामों से बचाव के उपाय क्या हैं?
जीवन में मिलने वाली असफलताओं के संदर्भ में इससे क्या प्रेरणा मिलती है?
(2)बिसनाथ दूध कटहा हो गए। उनका दूध कट गया।' - इस कथन का आशय स्पष्ट करते हुए बिसनाथ के
जीवन में आए संकट का स्वरूप स्पष्ट कीजिए। इस कथन के आलोक में आप बिसनाथ के प्रति कैसा महसूस
करते हैं? संक्षेप में लिखिए।
(3) सूरदास के चरित्र की विशेषताओं का वर्णन करते हुए लिखिए कि आप उनमें से किन को अपनाना
चाहेंगे और क्यों? (कम-से-कम तीन विशेषताओं का स
ं क्षिप्त वर्णन कीजिए)
(4) 'अपना मालवा ... पाठ में वर्णित जल संचय 5 के तरीकों का वर्णन करते हुए लिखिए कि विकास की दौड़
ने उन पर कैसा प्रभाव डाला है। इस प्रभाव से किस प्रकार बचाव किया जा सकता है?
झोंपड़ी जला दिए जाने के बाद भी सूरदास का किसी से प्रतिशोध न लेना, उसके स्वभाव की किस विशेषता
को दर्शाता है? सूरदास जैसे चरित्र की वर्तमान समय में क्या प्रासंगिकता है? स्पष्ट कीजिए।
(5) 'इसे 'सेस', 'सारद' भी नहीं बयान कर सकते' 'बिस्कोहर की माटी' पाठ में यह कथन किस संदर्भ में कहा
गया? इसका क्या आशय है? इस स
ं दर्भ में अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
(6) धरती के तापमान में वृद्धि के लिए 'अपना मालवा खाऊ-उजाडू सभ्यता में.....' पाठ में किसे जिम्मेदार
ठहराया गया है? क्या इस तापमान वृद्धि में हमारी भी कोई भूमिका है? हम धरती के तापमान को नियंत्रित
कैसे रख सकते हैं?
(7)सूरदास जैसे व्यक्ति वास्तविक चरित्र की जगह आदर्श व्यक्ति प्रतीत होते हैं" - ऐसा सूरदास के किन गुणों
के आधार पर कहा जा सकता है? उसके गुणों की वर्तमान समाज में आज और अधिक आवश्यकता क्यों है?
(8) 'बिस्कोहर की माटी' पाठ के आधार पर गाँव की प्रकृति का गर्मी, सर्दी और वर्षा ऋतुओं के अनुरूप वर्णन
कीजिए। वहाँ के लोग गर्मी ऋतु के प्रकोप से बचने के लिए क्या उपाय करते थे?
(9) 'अपना मालवा ... पाठ के आधार पर लिखिए कि जलवायु परिवर्तन के लिए कौन ज़िम्मेदार हैं। इस
परिवर्तन का परिणाम क्या है? इसके दूरगामी परिणामों से बचाव के उपाय क्या हैं?