केंद्रीय विद्यालय संगठन मंबई संभाग SET-3
पू िव बोर्व परीक्षा 2023-24
विषय : व ं दी अविकतम अं क: 80
कक्षा बार िी ं समय: 3 घं टे
सामान्य वनदे श :
• निम्ननिखित निर्दे शोों को बहुत सावधािी से पऩिए और उिका पािि कीनिए : -
• इस प्रश्न पत्र में िों ड ’अ’ में वस्तु परक तथा िोंड ’ब’ में वर्णिात्मक प्रश्न पूछे गए हैं । प्रश्न - पत्र के र्दोिोों िों डोों में
प्रश्नोों की सोंख्या 14 है ।
• िों ड ’अ’ में उप - प्रश्नोोंसनहत 40 वस्तु परक प्रश्न पूछे गएहैं , सभी 40 प्रश्नोों के उत्तर र्दे िे हैं ।
• िों ड ’ब’ में 08 वर्णिात्मक प्रश्न पूछे गए हैं । प्रश्नोों के उनित आों तररक नवकल्प नर्दए गए हैं ।
• र्दोिोों िों डोों के प्रश्नोों के उत्तर र्दे िा अनिवार्ण है ।
• र्थासोंभव र्दोिोों िों डोों के प्रश्नोों के उत्तर क्रमशः निखिए।
खंर् -अ ( िस्तपरक प्रश्न )
प्रश्न 1)वनम्नवलखखत गद्यांश को ध्यानपू िवक पढ़कर वदए गए प्रश्नों के सिावविक उपयक्त उत्तर िाले विकल्प को
चनकर वलखखए | 10
बडी कनिि समस्या है । झूिी बातोों को सुिकर िुप हो कर रहिा ही भिे आर्दमी की िाि है , परों तु इस स्वाथण और निप्सा के
िगत में निि िोगोों िे करोडोों के िीवि - मरर् का भार कोंधे पर निर्ा है वे उपेक्षा भी िहीों कर सकते। ज़रा सी
गफित हुई नक सारे सोंसार में आपके नवरुद्ध ज़हरीिा वातावरर् तैर्ार हो िाएगा। आधुनिक र्ुग का र्ह एक बडा
भारी अनभशाप है नक गित बातें बडी तेिी से फैि िाती हैं ।समािारोों के शीघ्र आर्दाि - प्रर्दाि के साधि इस र्ुग
में बडे प्रबि हैं , िबनक धैर्ण और शाों नत से मिु ष्य की भिाई के निए सोििे के साधि अब भी बहुत र्दु बणि हैं । सो, िहााँ हमें िुप
होिा िानहए, वहााँ िुप रह िािा ितरिाक हो गर्ा है । हमारा सारा सानहत्य िीनत और सच्चाई का सानहत्य है । भारतवर्ण की
आत्मा कभी र्दों गा - फसार्द और झोंझट को पसोंर्द िहीों करती परों तु इतिी तेज़ी से कूटिीनत और नमथ्या का िक्र
ििार्ा िा रहा है नक हम िुप िहीों बैि सकते। अगर िािोों - करोडोों की हत्या से बििा है तो हमें झोंझट में
पडिा ही होगा। हम नकसी को मारिा िहीों िाहते पर कोई हम पर अन्यार् से टू ट पडे तो हमें ज़रूर कुछ करिा
पडे गा। हमारे अोंर्दर हर्ा है और अन्यार् करके पछतािे की िो आर्दत है उसे कोई हमारी र्दु बणिता समझे और हमें
सारी र्दु निर्ा के सामिे बर्दिाम करे र्ह हमसे िहीों सहा िाएगा। सहा िािा भी िहीों िानहए। सो, हाित र्ह है नक हम सच्चाई
और भद्रता पर दृ़ि रहते हैं और ओछे वार्द - नववार्द और र्दों गे - फसार्दोों में िहीों पडते। राििीनत कोई अिपा - िाप
तो है िहीों। र्ह स्वाथों का सोंघर्ण है । करोडोों मिु ष्योों की इज्जत और िीवि - मरर् का भार निन्ोोंिे उिार्ा है वे
समानध िहीों िगा सकते। उन्ें स्वाथों के सोंघर्ण में पडिा ही पडे गा और नफर भी हमें स्वाथी िहीों बििा है ।
1)िेिक िे सोंघर्ण करिा आवश्यक क्ोों मािा है ?
क) परनहत को र्दूर करिे के निए ि) स्वाथण को र्दूर करिे के निए
ग) िि के िाभ से बििे के निए घ) िि की हानि से बििे के निए
2)हमारा सारा सानहत्य नकसका सानहत्य है ?
क) केवि िीनत का ि) केवि सच्चाई का
ग) प्रबिता का घ) िीनत और सच्चाई का
1
, 3)कौि से साधि अब भी र्दु बणि हैं ?
क) मिु ष्य के स्वाथण को सोििे के ि) र्दूसरोों के नववार्द को सोििे के
ग) मिु ष्य के अनहत को सोििे के घ) मिु ष्य की भिाई को सोििे के
4)हम नकस पर दृ़ि रहते हैं ?
क) केवि िीनत पर ि) सच्चाई और भद्रता पर
ग) केवि भद्रता पर घ) केवि सच्चाई पर
5 )आर्दाि - प्रर्दाि में प्रर्ुक्त समास है?
क) कमण धारर् समास ि) तत्पु रुर् समास
ग) द्वों द्व समास घ) नद्वगु समास
6) गद्ाों श के निए सवाण नधक उपर्ुक्त शीर्ण क होगा -
क) अन्यार् का प्रनतकार ि) सत्य का प्रनतकार
ग) न्यार् का प्रनतकार घ) अनहों सा का प्रनतकार
7) िेिक िे कनिि समस्या नकसे मािा है ?
क) सोंघर्ण के र्दौर में िोंिि रहिा।
ि) अफवाहोों के र्दौर में शाों त रहिा।
ग) अफवाहोों के र्दौर में िोंिि होिा।
घ) सोंघर्ण के र्दौर में शाों त रहिा।
8) राििीनत अफवाहोों के िररए क्ा करवाती है ?
क) िाभ ि) पवण ग) र्दों गे घ) उत्सव
9)आधुनिक र्ुग का अनभशाप नकसे मािा गर्ा है ?
क) राििीनत को।
ि) गित बातोों का प्रिार - प्रसार।
ग) सही बातोों का प्रिार - प्रसार।
घ) भिाई के साधिोों को।
10) िुप रहिा ितरिाक कब हो िाता है ?
क) िब सही - गित प्रिार होता है ।
ि) िब गित प्रिार होता है ।
ग) िब सही प्रिार होता है ।
घ) िब भिाई का प्रिार होता है ।
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पू िव बोर्व परीक्षा 2023-24
विषय : व ं दी अविकतम अं क: 80
कक्षा बार िी ं समय: 3 घं टे
सामान्य वनदे श :
• निम्ननिखित निर्दे शोों को बहुत सावधािी से पऩिए और उिका पािि कीनिए : -
• इस प्रश्न पत्र में िों ड ’अ’ में वस्तु परक तथा िोंड ’ब’ में वर्णिात्मक प्रश्न पूछे गए हैं । प्रश्न - पत्र के र्दोिोों िों डोों में
प्रश्नोों की सोंख्या 14 है ।
• िों ड ’अ’ में उप - प्रश्नोोंसनहत 40 वस्तु परक प्रश्न पूछे गएहैं , सभी 40 प्रश्नोों के उत्तर र्दे िे हैं ।
• िों ड ’ब’ में 08 वर्णिात्मक प्रश्न पूछे गए हैं । प्रश्नोों के उनित आों तररक नवकल्प नर्दए गए हैं ।
• र्दोिोों िों डोों के प्रश्नोों के उत्तर र्दे िा अनिवार्ण है ।
• र्थासोंभव र्दोिोों िों डोों के प्रश्नोों के उत्तर क्रमशः निखिए।
खंर् -अ ( िस्तपरक प्रश्न )
प्रश्न 1)वनम्नवलखखत गद्यांश को ध्यानपू िवक पढ़कर वदए गए प्रश्नों के सिावविक उपयक्त उत्तर िाले विकल्प को
चनकर वलखखए | 10
बडी कनिि समस्या है । झूिी बातोों को सुिकर िुप हो कर रहिा ही भिे आर्दमी की िाि है , परों तु इस स्वाथण और निप्सा के
िगत में निि िोगोों िे करोडोों के िीवि - मरर् का भार कोंधे पर निर्ा है वे उपेक्षा भी िहीों कर सकते। ज़रा सी
गफित हुई नक सारे सोंसार में आपके नवरुद्ध ज़हरीिा वातावरर् तैर्ार हो िाएगा। आधुनिक र्ुग का र्ह एक बडा
भारी अनभशाप है नक गित बातें बडी तेिी से फैि िाती हैं ।समािारोों के शीघ्र आर्दाि - प्रर्दाि के साधि इस र्ुग
में बडे प्रबि हैं , िबनक धैर्ण और शाों नत से मिु ष्य की भिाई के निए सोििे के साधि अब भी बहुत र्दु बणि हैं । सो, िहााँ हमें िुप
होिा िानहए, वहााँ िुप रह िािा ितरिाक हो गर्ा है । हमारा सारा सानहत्य िीनत और सच्चाई का सानहत्य है । भारतवर्ण की
आत्मा कभी र्दों गा - फसार्द और झोंझट को पसोंर्द िहीों करती परों तु इतिी तेज़ी से कूटिीनत और नमथ्या का िक्र
ििार्ा िा रहा है नक हम िुप िहीों बैि सकते। अगर िािोों - करोडोों की हत्या से बििा है तो हमें झोंझट में
पडिा ही होगा। हम नकसी को मारिा िहीों िाहते पर कोई हम पर अन्यार् से टू ट पडे तो हमें ज़रूर कुछ करिा
पडे गा। हमारे अोंर्दर हर्ा है और अन्यार् करके पछतािे की िो आर्दत है उसे कोई हमारी र्दु बणिता समझे और हमें
सारी र्दु निर्ा के सामिे बर्दिाम करे र्ह हमसे िहीों सहा िाएगा। सहा िािा भी िहीों िानहए। सो, हाित र्ह है नक हम सच्चाई
और भद्रता पर दृ़ि रहते हैं और ओछे वार्द - नववार्द और र्दों गे - फसार्दोों में िहीों पडते। राििीनत कोई अिपा - िाप
तो है िहीों। र्ह स्वाथों का सोंघर्ण है । करोडोों मिु ष्योों की इज्जत और िीवि - मरर् का भार निन्ोोंिे उिार्ा है वे
समानध िहीों िगा सकते। उन्ें स्वाथों के सोंघर्ण में पडिा ही पडे गा और नफर भी हमें स्वाथी िहीों बििा है ।
1)िेिक िे सोंघर्ण करिा आवश्यक क्ोों मािा है ?
क) परनहत को र्दूर करिे के निए ि) स्वाथण को र्दूर करिे के निए
ग) िि के िाभ से बििे के निए घ) िि की हानि से बििे के निए
2)हमारा सारा सानहत्य नकसका सानहत्य है ?
क) केवि िीनत का ि) केवि सच्चाई का
ग) प्रबिता का घ) िीनत और सच्चाई का
1
, 3)कौि से साधि अब भी र्दु बणि हैं ?
क) मिु ष्य के स्वाथण को सोििे के ि) र्दूसरोों के नववार्द को सोििे के
ग) मिु ष्य के अनहत को सोििे के घ) मिु ष्य की भिाई को सोििे के
4)हम नकस पर दृ़ि रहते हैं ?
क) केवि िीनत पर ि) सच्चाई और भद्रता पर
ग) केवि भद्रता पर घ) केवि सच्चाई पर
5 )आर्दाि - प्रर्दाि में प्रर्ुक्त समास है?
क) कमण धारर् समास ि) तत्पु रुर् समास
ग) द्वों द्व समास घ) नद्वगु समास
6) गद्ाों श के निए सवाण नधक उपर्ुक्त शीर्ण क होगा -
क) अन्यार् का प्रनतकार ि) सत्य का प्रनतकार
ग) न्यार् का प्रनतकार घ) अनहों सा का प्रनतकार
7) िेिक िे कनिि समस्या नकसे मािा है ?
क) सोंघर्ण के र्दौर में िोंिि रहिा।
ि) अफवाहोों के र्दौर में शाों त रहिा।
ग) अफवाहोों के र्दौर में िोंिि होिा।
घ) सोंघर्ण के र्दौर में शाों त रहिा।
8) राििीनत अफवाहोों के िररए क्ा करवाती है ?
क) िाभ ि) पवण ग) र्दों गे घ) उत्सव
9)आधुनिक र्ुग का अनभशाप नकसे मािा गर्ा है ?
क) राििीनत को।
ि) गित बातोों का प्रिार - प्रसार।
ग) सही बातोों का प्रिार - प्रसार।
घ) भिाई के साधिोों को।
10) िुप रहिा ितरिाक कब हो िाता है ?
क) िब सही - गित प्रिार होता है ।
ि) िब गित प्रिार होता है ।
ग) िब सही प्रिार होता है ।
घ) िब भिाई का प्रिार होता है ।
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