आर्थिक महामंदी
By: Sujeet Sir
आर्थिक महामंदी:
कारण:-
• अक्टूबर 1929 में, अमेररकी शेयर बाजार में गिरावट के साथ महामंदी की शरु ु आत मानी जाती है।
• इसके र्िए र्िम्िर्िर्ित कारण उत्तरदायी थे:-
• प्रथम गवश्वयद्ध ु के दौरान अमेररकी अथथव्यवस्था का तेजी से गवकास हुआ।
• यद्ध ु के पश्चात भी यह गवकास जारी रहा। हालागं क, अमेररका सगहत अन्य औद्योगिक देशों की सरं क्षणवादी नीगत के कारण
अमेररकी बाजार भी गसमटता जा रहा था।
• 1920 के दशक में, अमेररका में औद्योगिक उत्पादन तो बढ़ा, लेगकन मजदरू ों की क्रय क्षमता नहीं बढ़ी।
• इसी दशक में अमेररका में कृ गि का मशीनीकरण हुआ, उत्पादन में वृगद्ध हुई, इससे कृ गि उत्पादों का मल् ू य कम हुआ और
गकसानों की क्रय क्षमत्ता में भी गिरवाट आई।
• अमेररका में यह दशक शेयर बाजार में तेजी तथा उपभोक्ता वस्तओ ु ं के गवक्रय में वृगद्ध के गलए भी जाना जाता है।
• बड़ी सख् ं या में बैंकों एवं मध्यविीय लोिों ने अगिक मनु ाफे के गलए शेयर बाजार में पैसे का गनवेश गकया।
• मध्यविीय समह ू ने बैंकों को पैसे न लौटा कर शेयर बाजार में गनवेश को प्राथगमकता दी।
• 1929 में, मंदी की आहट गदखाई पड़ने लिी, अफवाहों का बाजार िमथ हुआ और शेयर बाजार में गिरावट के साथ महामंदी
की शरुु आत हुई।
• अमेररका ने जमथनी को आगथथक सहायता देना बंद गकया और जमथनी ने फ्ांस को मआ ु वजा देना बंद गकया।
• औद्योगिक देशों ने बड़े पैमाने पर संरक्षणवादी नीगत अपनाई और देखते ही देखते यह गवश्वव्यापी मंदी के रूप में पररवगतथत
हो िया।
आर्थिक प्रभाव:-
• बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाईयां बंद हुई और सभी औद्योगिक देशों में बेरोजिारों की संख्या बढ़ी, लोिों की आय में
गिरावट हुई तथा जीवन-स्तर बुरी तरह से प्रभागवत हुआ।
• शेयर बाजार के सक ं ट के कारण आम लोिों की जमा पजंू ी समाप्त हो िई।
• हजारों की संख्या में बैंक भी गदवागलया हुए।
• पंज ू ी एवं बैंगकंि व्यवस्था के संकट का प्रभाव अथथव्यवस्था के सभी क्षेत्रों पर गदखा।
राजिीर्तक प्रभाव:-
• साम्यवादी रूस पर मंदी का प्रभाव नहीं हुआ।
• इससे न के वल इस गवचारिारा की लोकगप्रयता बढ़ी, बगल्क समथथकों की संख्या भी।
• पंज ू ीवादी व्यवस्था पर प्रश्न उठाए जाने लिे, और पंजू ीवादी देशों ने संकट से लड़ने के गलए कल्याणकारी उपाय गकए।
• जमथनी, इटली एवं जापान में आगथथक सक ं ट िहराया। इससे फासीवादी शगक्तयों का जनािार मजबतू हुआ और इन्होंने मदं ी
से गनकालने के गलए आक्रामक नीगत अपनाई।
• आक्रामक नीगत को रोकने में राष्ट्र संघ गवफल रहा, इससे राष्ट्र संघ की प्रगतष्ठा को ठे स पहुच ं ी।
• गिटेन, फ्ास ं इत्यागद देशों ने तष्टु ीकरण की नीगत अपनाई, इससे फासीवादी शगक्तयों की महत्वाकाक्ष ं ा बढ़ी और गितीय
गवश्वयद्ध
ु की शरुु आत हुई।
By: Sujeet Sir
आर्थिक महामंदी:
कारण:-
• अक्टूबर 1929 में, अमेररकी शेयर बाजार में गिरावट के साथ महामंदी की शरु ु आत मानी जाती है।
• इसके र्िए र्िम्िर्िर्ित कारण उत्तरदायी थे:-
• प्रथम गवश्वयद्ध ु के दौरान अमेररकी अथथव्यवस्था का तेजी से गवकास हुआ।
• यद्ध ु के पश्चात भी यह गवकास जारी रहा। हालागं क, अमेररका सगहत अन्य औद्योगिक देशों की सरं क्षणवादी नीगत के कारण
अमेररकी बाजार भी गसमटता जा रहा था।
• 1920 के दशक में, अमेररका में औद्योगिक उत्पादन तो बढ़ा, लेगकन मजदरू ों की क्रय क्षमता नहीं बढ़ी।
• इसी दशक में अमेररका में कृ गि का मशीनीकरण हुआ, उत्पादन में वृगद्ध हुई, इससे कृ गि उत्पादों का मल् ू य कम हुआ और
गकसानों की क्रय क्षमत्ता में भी गिरवाट आई।
• अमेररका में यह दशक शेयर बाजार में तेजी तथा उपभोक्ता वस्तओ ु ं के गवक्रय में वृगद्ध के गलए भी जाना जाता है।
• बड़ी सख् ं या में बैंकों एवं मध्यविीय लोिों ने अगिक मनु ाफे के गलए शेयर बाजार में पैसे का गनवेश गकया।
• मध्यविीय समह ू ने बैंकों को पैसे न लौटा कर शेयर बाजार में गनवेश को प्राथगमकता दी।
• 1929 में, मंदी की आहट गदखाई पड़ने लिी, अफवाहों का बाजार िमथ हुआ और शेयर बाजार में गिरावट के साथ महामंदी
की शरुु आत हुई।
• अमेररका ने जमथनी को आगथथक सहायता देना बंद गकया और जमथनी ने फ्ांस को मआ ु वजा देना बंद गकया।
• औद्योगिक देशों ने बड़े पैमाने पर संरक्षणवादी नीगत अपनाई और देखते ही देखते यह गवश्वव्यापी मंदी के रूप में पररवगतथत
हो िया।
आर्थिक प्रभाव:-
• बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाईयां बंद हुई और सभी औद्योगिक देशों में बेरोजिारों की संख्या बढ़ी, लोिों की आय में
गिरावट हुई तथा जीवन-स्तर बुरी तरह से प्रभागवत हुआ।
• शेयर बाजार के सक ं ट के कारण आम लोिों की जमा पजंू ी समाप्त हो िई।
• हजारों की संख्या में बैंक भी गदवागलया हुए।
• पंज ू ी एवं बैंगकंि व्यवस्था के संकट का प्रभाव अथथव्यवस्था के सभी क्षेत्रों पर गदखा।
राजिीर्तक प्रभाव:-
• साम्यवादी रूस पर मंदी का प्रभाव नहीं हुआ।
• इससे न के वल इस गवचारिारा की लोकगप्रयता बढ़ी, बगल्क समथथकों की संख्या भी।
• पंज ू ीवादी व्यवस्था पर प्रश्न उठाए जाने लिे, और पंजू ीवादी देशों ने संकट से लड़ने के गलए कल्याणकारी उपाय गकए।
• जमथनी, इटली एवं जापान में आगथथक सक ं ट िहराया। इससे फासीवादी शगक्तयों का जनािार मजबतू हुआ और इन्होंने मदं ी
से गनकालने के गलए आक्रामक नीगत अपनाई।
• आक्रामक नीगत को रोकने में राष्ट्र संघ गवफल रहा, इससे राष्ट्र संघ की प्रगतष्ठा को ठे स पहुच ं ी।
• गिटेन, फ्ास ं इत्यागद देशों ने तष्टु ीकरण की नीगत अपनाई, इससे फासीवादी शगक्तयों की महत्वाकाक्ष ं ा बढ़ी और गितीय
गवश्वयद्ध
ु की शरुु आत हुई।